मुख्य समाचार

➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखपुर दौरा, जनता दर्शन में सुनीं समस्याएं, अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: जस्टिस संजीव खन्ना बने सुप्रीम कोर्ट के 51वें मुख्य न्यायाधीश, छह महीने का रहेगा कार्यकाल। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: यूपी की कानून व्यवस्था में रामपुर अव्वल, अक्टूबर में सीएम डैशबोर्ड पर हमीरपुर दूसरे और नोएडा तीसरे स्थान पर। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: झारखंड में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चार जनसभाएं, विधानसभा चुनाव के लिए करेंगे प्रचार। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का मुरादाबाद दौरा, जनसभा में हाजी रिजवान के लिए प्रचार करेंगे। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: चंद्रशेखर आजाद का हरदोई दौरा, अब्दुल्लाह आजम से मुलाकात करेंगे। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह चौधरी का अंबेडकरनगर दौरा, संगठनात्मक बैठकों में लेंगे भाग। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: 33वीं अखिल भारतीय वॉलीबॉल चैम्पियनशिप-2024 का लखनऊ में उद्घाटन, देशभर से आरपीएफ टीमें भाग लेंगी। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: कानपुर में भाजपा नेता कुलदीप भदौरिया गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर लड़की के साथ अश्लील पोस्ट का मामला। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: कानपुर में 7 लाख के पान मसाले की लूट, बदमाशों ने चालक और क्लीनर को पीटा, सड़क किनारे फेंका। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: मुजफ्फरनगर में युवक की निर्मम हत्या, आरोपी दोस्त गिरफ्तार, पुलिस कर रही जांच। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: बलरामपुर में अक्षत नवमी पर सप्तकोसी परिक्रमा, श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: वाराणसी में जुआ कांड से संबंधित वायरल वीडियो, थाना प्रभारी परमहंस गुप्ता सस्पेंड। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: इटावा में SSP संजय वर्मा ने किया पुलिस महकमे में तबादला, कई अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: लखनऊ में दवा खाते ही ई-रिक्शा चालक की मौत, ग्रामीणों ने क्लिनिक पर किया हंगामा। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह की अयोध्या पदयात्रा, हजारों रामभक्त हुए शामिल। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: कौशांबी में 7 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म, आरोपी के खिलाफ पुलिस में तहरीर। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: बहुजन समाज पार्टी उपचुनाव में कर रही बदलाव, कई कोऑर्डिनेटरों पर कार्रवाई संभव। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: भाजपा संगठन में बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही, महिलाओं को 33% आरक्षण का आश्वासन। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: फर्जी मार्कशीट से नौकरी पाने का मामला, आरोपी सहायक अध्यापक पर केस दर्ज। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: कन्नौज में झूला झूलते समय किशोरी का हादसा, गंभीर हालत में लखनऊ रेफर। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: कन्नौज में अवैध असलाह के साथ रील बनाने का मामला, पुलिस जांच में जुटी। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: बदायूं में ऑनलाइन सट्टा कारोबार का पर्दाफाश, स्क्रीनशॉट वायरल, पुलिस कर रही कार्रवाई। ➡️ फ्रेंड्स समय न्यूज़: श्रावस्ती में भाजपा नेता द्वारा पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारने का मामला, एफआईआर दर्ज।

Monday, 28 July 2025


 आज दिनांक 28.07.2025 को समाजवादी पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता व अधिवक्ता मुस्तहसन जुबेर के आवास पर आगामी विधान सभा चुनाव को मद्देनजर रखते हुए एक मिटिंग हुई जिसमें समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व गणमान्य लोग उपस्थित हुए तथा सबने अपने-अपने विचार व्यक्त किये। जिसमें से मुख्य रुप से मुस्तहसन जुबेर ने कहा कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पार्टी के रीढ़ कहे जाने वाले कद्दवर नेता आजम खान आज-कल सीतापुर जेल में है जिन्हें राजनैतिक विरोधियों द्वारा षडयंत्र का शिकार बनाया गया है और षडयंत्रकारी चक्रव्यूह में पूरे परिवार को झूठे मुकदमें में फंसाया गया है आजम खान के साथ में पार्टी के बड़े चेहरे जो समय-समय पर रामपुर में पूर्व काबिना मंत्री की चौखट पर नतमस्तक हुआ करते थे और उनके एहसानो की दुहाई दिया करते थे उन सभी ने अपनी निगाहें आजम खां की ओर से फेर ली है पार्टी की बेदारी का यह हाल है कि अब तो पार्टी के बैनर व पोस्टर से भी आजम खां की तस्वीरे हटने लगी है। यह वहीं आजम खां है जिन्होने अपने सियासी सफर में अपनी राजनीतिक सूझ-बूझ और रैलियों में अपनी पार्टी के लिये खून-पसीना एक करके समाजवादी पार्टी खड़ी की थी जिनकी राजनीतिक सूझ-बूझ के चलते प्रदेश में कई बार समाजवादी पार्टी की सरकार बनी थी आज वही सब लोग आजम खां के साथ खामोश रहकर उनके एहसानों का बदला उतार रहे है यह वही आजम खां है जब समाजवादी पार्टी के मुखिया के परिवार में गद्दी को लेकर खींचतान चल रही थी तो आजम खां ने ही एक मात्र सूत्रधार की भूमिका अदा की थी। विपरीत परिस्थितियों में भी आजम खां कभी विधायक, कभी लोकसभा, कभी राज्यसभा सीटो को समाजवादी पार्टी की झोली में भरा था अपने लगभग 50 साल के राजनैतिक जीवन में पार्टी की बुनियाद में मजबूत सुतून की तरह हमेशा खड़े रहे तो क्या पार्टी को आजम खां के साथ खड़े नहीं? होना चाहिये था? क्या दूसरे नेताओं के लिये सड़क पर उतरकर आन्दोलन करने चाहिये थे और आजम खां के लिए नहीं जब आजम खां पर झूठे मुकदमें लगाये जा रहे थे तो पार्टी सड़को पर क्यों नहीं उतरी इसके अलावा बहुत से बड़े सवाल न कि प्रदेश बल्कि देश में भी इस देश की दूसरी बड़ी आबादी के ज़हन में कहीं न कहीं समाजवादी पार्टी के लिए गम्भीर सवाल पैदा कर रहे है। जिन सवालों का जवाब भविष्य में समाजवादी पार्टी पर बुरा असर डाल सकता है जो कि पार्टी के लिये कहीं न कहीं हानिकारक साबित हो सकता है। क्योंकि पार्टी ने भले ही कह दिया हो कि पूरी पार्टी श्री आजम खां व उनके परिवार के साथ खड़ी है मगर खड़ी है तो अब तक दिखी क्यों नहीं? आजम खां पार्टी के लिये सदैव खरा होना साबित हुये है और पार्टी को भी यह जानना होगा कि आजम खां सिर्फ एक नाम ही नहीं एक विचारधारा का नाम है जो कहीं न कहीं पूरे देश व प्रदेश में खुद को साबित जरुर करेंगी। समाजवादी पार्टी के लिये यह एक गम्भीर चिन्ता का विषय हो सकता है। आजम खां दबे-कुचले और कुंठित समाज के लिये सदैव खड़े रहे और उनके लिए हक की आवाज उठाई। एक ऐसा शिक्षाविद जिसने रामपुर के लोगो को छूरी-चाकू के बजाय कलम थमाई जिसने न सिर्फ मो० अली जौहर यूनिवर्सिटी खोली बल्कि अंग्रेजी माध्यम के रामपुर पब्लिक स्कूल भी खोले जहां पर फीस न्यूनतम रखी और गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले रिक्शा वाले, ठेले वाले, खोमचे वाले परिवार के बच्चो को शिक्षा प्रदान करने के लिये प्रति माह लगभग 20 रुपये फीस रखी। कलम का यह सिपाही जिसकी आयु लगभग 75 वर्ष है वह गर्मी के उच्च तापमान को या ठिठुरती हुई ठंडक या उमस भरी गर्मी में आज सीतापुर जेल में पार्टी के प्रति अपनी कुर्बानियों की सजा काट रहा है और फिर पार्टी कहती है कि उनको तभी न्याय मिल सकता है जब सरकार बदले या कोर्ट फैसला दे या फिर भगवान। इतना कह देने से जिम्मेदारी खत्म नहीं होती उन युवाओं के भविष्य का क्या जो पार्टी के लिये अपनी जवानी कुर्बान करने को तैयार है। क्योंकि जब इतने बड़े नेता के साथ हाथ खड़े कर लिये गये हो तो पार्टी में युवा के मुस्तकबिल का क्या भरोसा समाजवादी पार्टी के लिये यह न सिर्फ एक गम्भीर मसला बल्कि बहुत बड़ी चिन्ता का विषय है। समाजवादी पार्टी के इस मिटिंग में तमाम लोग उपस्थित रहे।

Sunday, 23 February 2025

बगैर मेडिकल प्रिसक्रिप्शन नारकोटिक्स की दवाई बिक रही हैं ख़दरा के अभिषेक मेडिकल स्टोर पर


 प्रीति मोटवानी, संवाददाता friends samay news 


ख़दरा, लखनऊ में एक मेडिकल स्टोर संचालित हो रहा है, जो बिना लाइसेंस के चलाया जा रहा है। इस स्टोर पर कोरेक्स सिरप, अल्प्राजोलम, Spasmo Proxyvon, Avil के इंजेक्शन इत्यादि जो नारकोटिक्स में आती हैं बिना किसी मेडिकल प्रूफ के खुलेआम बेचे जा रहे हैं। यह हर्षित मेडिकल स्टोर पिछले कई वर्षों से बिना किसी रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के चल रहा है, जिससे स्थानीय जनता की सेहत को खतरा हो सकता है।


सूत्रों के अनुसार, इस स्टोर का मालिक अभिषेक सिंह है, और यह स्टोर मन्देगंज थाना क्षेत्र, ख़दरा, लखनऊ के अंतर्गत आता है। सरकारी नियमों के अनुसार, बिना लाइसेंस के मेडिकल उत्पादों की बिक्री अवैध मानी जाती है।


जनता की सेहत के प्रति विशेष रूप से गंभीर होते हुए, प्रशासन से अनुरोध है कि वह इस तरह की अवैध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करे। स्वास्थ्य जीवन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा होने के नाते, शिक्षा और जागरूकता भी आवश्यक है, ताकि लोग अवैध रूप से बिकने वाली दवाओं और इंजेक्शनों के खतरों से अवगत हो सकें।


(प्रीति मोटवानी, संवाददाता friends sama

y news)


Thursday, 23 January 2025

डॉक्टर से जब पूछा गया कि वे बिना डिग्री के कैसे प्रैक्टिस कर रहे हैं तो उन्होंने दावा किया कि वे सीएससी और पीएससी को पैसे देते हैं।






फ्रेंड्स समय न्यूज़ के संवाददाता प्रीति मोटवानी की एक विशेष रिपोर्ट:

हमारे संवाददाता ने पाया है कि क्षेत्र में कई ऐसे डॉक्टर हैं जो बिना किसी मान्यता प्राप्त डिग्री या रजिस्ट्रेशन के चिकित्सा का अभ्यास कर रहे हैं। इनमें से एक ऐसे डॉक्टर से जब पूछा गया कि वे बिना डिग्री के कैसे प्रैक्टिस कर रहे हैं तो उन्होंने दावा किया कि वे सीएससी और पीएससी को पैसे देते हैं।

यह डॉक्टर एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और एंटीबायोटिक दवाएं सहित सभी तरह की दवाएं मरीजों को दे रहे हैं। जब उनसे स्पैस्मोप्रोक्सिवॉन कैप्सूल की डोज के बारे में पूछा गया तो वे बीडी और टीडीएस जैसे चिकित्सा संक्षेपों के अर्थ भी नहीं बता पाए। उन्होंने दावा किया कि वे स्पैस्मोप्रोक्सिवॉन केवल तभी देते हैं जब मरीज को बहुत अधिक दर्द होता है और यह कि इस दवा का सीधा असर किडनी पर होता है।

यह डॉक्टर रोजाना 50 से 60 मरीजों का इलाज कर रहे हैं। जबकि सरकार केवल एमबीबीएस, बीयूएमएस, बीईएमएस और बीएएमएस डिग्री को मान्यता देती है, फिर भी ये डॉक्टर बिना किसी रोकटोक के अपना काम जारी रखे हुए हैं।

समाचार में उठ रहे मुख्य बिंदु:

 * बिना डिग्री वाले डॉक्टरों द्वारा चिकित्सा का अभ्यास

 * एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और एंटीबायोटिक दवाओं का बिना किसी प्रतिबंध के उपयोग

 * चिकित्सा संक्षेपों के बारे में बेसिक जानकारी का अभाव

 * सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का उल्लंघन

 * बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज

सरकारी नियम:

सरकार का स्पष्ट आदेश है कि कोई भी व्यक्ति बिना मान्यता प्राप्त डिग्री और रजिस्ट्रेशन के चिकित्सा का अभ्यास नहीं कर सकता।

सवाल:

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ऐसे डॉक्टर बिना किसी कार्रवाई के कैसे प्रैक्टिस कर पा रहे हैं? क्या स्वास्थ्य विभाग इस मामले में कोई कार्रवाई करेगा?

यह खबर उन सभी लोगों के लिए चिंता का विषय है जो ऐसे डॉक्टरों से इलाज करवा रहे हैं।


Monday, 6 January 2025

बाराबंकी,अगर इंसान में लगन हो और प्रतिभा को पहचाने वाली निगाहें हो तो प्रतिभाएं कभी निराश नहीं हो सकती



 बाराबंकी,अगर इंसान में लगन हो और प्रतिभा को पहचाने वाली निगाहें हो तो प्रतिभाएं कभी निराश नहीं हो सकती यह विचार पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप ने बाराबंकी के दो प्रशिक्षक जिन्होंने अपनी दूर दृष्टि से सही प्रतिभाओं को पहचान कर उनको बुलंदियों तक पहुंचा दिया उन्होंने आज एक समारोह में हॉकी के कोच रहे राशिद अज़ीज़ खान जिनकी कोचिंग में वर्तमान में इंडिया टीम से खेल रहे राजकुमार पाल,मोहमद आमिर,शारदानंद तिवारी और महिला हॉकी में मुमताज खान को कड़ी मेहनत करवा कर इंडिया हॉकी टीम तक पहुंचा दिया वही पी ए सी ग्राउंड पर कोचिंग दे रहे सरवर नवाब ने भी अपनी कोचिंग से पहली बार आई पी एल में विप्रज निगम और बंगाल से अभिजीत मिश्रा अंडर 22 में खेल रहा है बाराबंकी से क्रिकेट के तीनों फॉरमेट रणजी ट्रॉफी,अंडर 22 व आई पी एल में चयनित होकर अपने खेल का जौहर दिखा कर जनपद का मान बढ़ाया है, पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप और सांसद तनुज पूनिया ने जनपद के दोनों कोचों को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि बाराबंकी में सभी खेलो में अपना अलग स्थान है अवसर आने पर खेल की हर सुविधा प्रदान करने में मदद करेंगे

Friday, 3 January 2025

बाराबंकी, अज़ीज़ अहमद खां स्मारक राज्यस्तरीय महिला हॉकी टूर्नामेंट में आज का पहला मैच बाराबंकी हॉकी एसोसिएशन वा विवेक एकेडमी वाराणसी के बीच खेला गया

 




बाराबंकी, अज़ीज़ अहमद खां स्मारक राज्यस्तरीय महिला हॉकी टूर्नामेंट में आज का पहला मैच बाराबंकी हॉकी एसोसिएशन वा विवेक एकेडमी वाराणसी के बीच खेला गया गत वर्ष की विजेता बाराबंकी हॉकी टीम ने अपना दबदबा बना लिया खेल के पांचवें मिनिट में पल्लवी कुमारी तथा दूसरा गोल बारहवें मिनिट मे अंजू रंजन ने करके पहले क्वार्टर में दो गोल की बढ़त बना ली दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही एक बार फिर बाराबंकी टीम की खिलाड़ी ज्योति ने पेनाल्टी कॉर्नर से गोल करके अपनी टीम को मजबूती दे दी मैच तीसरे क्वार्टर में वाराणसी की टीम वापसी करते हुई कुछ अच्छे मूव बनाए जिसके नतीजे में अंशिका ने मैदानी गोल करके अपनी टीम का भी खाता खोल दिया चौथा क्वार्टर गोल रहित रहा दोनों टीमों ने प्रयास किया पर गोल नहीं कर पाई बाराबंकी ने मुकाबला 3 -0 से जीतकर अपनी जगह पक्की कर ली इससे पहले टूर्नामेंट का उद्घाटन पूर्व संसद डॉ पी एल पूनिया ने खिलाड़ियों का परिचय प्राप्त करते हुए कहा कि जनपद की पहचान हॉकी के खिलाड़ी पदम श्री के डी सिंह बाबू से है ऐसे में यहां पर आई हुई महिला हॉकी खिलाड़ियों को उनके बारे में बहुत कुछ सीखने को मिलेगा उद्घाटन मैच साईं सेंटर लखनऊ और कर्मपुर एकेडमी के बीच खेला गया जिसमें साईं सेंटर लखनऊ ने शानदार प्रदर्शन किया और मैच को एकतरफा जीत दिलाई लखनऊ की ओर से शशि कला ने दो,पूजा ने दो,पायल ने एक गोल कर के मुकाबला जीत लिया,आज का आखरी मैच स्पोर्ट्स हॉस्टल लखनऊ तथा विवेक एकेडमी के बीच खेला गया जिसमें पहला क्वाटर गोल रहित रहा दूसरे क्वार्टर में हॉस्टल की तरफ से पहला गोल श्रद्धा ने खेल के बीसवें मिनिट तथा मान्या ने उनतीस वे मिनट में करके मैच में अपनी पकड़ मजबूत बना ली तीसरे क्वार्टर में एक बार फिर श्रद्धा ने एक और शोभा ने एक गोल करके मैच 4_0से जीत लिया इस अवसर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता इमरान किदवई,जिला अध्यक्ष मोहमद मोहसिन, हॉकी सचिव मजहर अज़ीज़ खान,अख्तर अज़ीज़ ,इरफान कुरैशी,हुमायूं नईम खान, दानिश सिद्दीकी,सरताज चौधरी,मोहम्मद असलम,चंदा रानी, राशिद अज़ीज़ डॉ जावेद,फजल इनाम मदनी ,विवेक प्रकाश सिंह ,राजेंद्र वर्मा,आदि खेल प्रेमी मौजूद रहे

Tuesday, 10 December 2024

मदरसा अशरफिया सिराजुल ओलूम, नेवादा मुबारकपुर* *मुबारकपुर आजमगढ़


 

 मदरसा अशरफिया सिराजुल उलूम, नेवादा मुबारकपुर में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क स्कूल बैग वितरण का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री श्याम सुंदर चौहान, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय चौहान महासभा एवं श्री अभय नाथ राय राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रभारी उत्तर प्रदेश।

कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना और उन्हें शैक्षिक सुविधाओं में सहायता प्रदान करना था। मुख्य अतिथि श्याम सुंदर चौहान जी ने अपने उद्बोधन में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला और समाज के हर वर्ग को शिक्षा के लिए जागरूक होने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में बच्चों के बीच 300 स्कूल बैग वितरित किए गए। इसके साथ ही, बच्चों और उनके अभिभावकों को शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच रखने के लिए प्रेरित किया गया।

 इस अवसर पर मदरसा प्रबंधन समिति के प्रबंधक श्री हाजी हफीजुर्रहमान , उपप्रबंधक श्री हाजी मंज़ूरुल हसन, शकील अहमद सेठ नेवादा,शम्सुज़्ज़मां मेंबर नगर पालिका परिषद मुबारकपुर, मोहम्मद तारिक़ इब्राहीमपुर, नदीम अहमद,वसीम अख्तर अमिलो, मोहम्मद सलीम एवं संस्था के समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।अंत में संस्था के प्रबन्धक एवं प्रधानाचार्य ने मुख्य अतिथि और सभी आगंतुकों का धन्यवाद व्यक्त किया।

Friday, 6 December 2024

उत्तर प्रदेश की प्रतिभाएं मुंबई में कर रही अपना नाम* - राहुल रॉय


 *उत्तर प्रदेश की प्रतिभाएं मुंबई में कर रही अपना नाम* - राहुल रॉय


*अभिनेता ने किया 31वे यूपीएए अवार्ड का पोस्टर लांच*

 

*लखनऊ*। शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में 31वे यूपीएए अवार्ड (UPAA AWARDS) का पोस्टर फ़िल्म आशिकी फेम अभिनेता राहुल रॉय ,पूर्व मिस उत्तर प्रदेश प्रभाती पांडे एवं वैष्णवी दुबे तथा निहिल श्रीवास्तव ने किया l 

इस अवसर पर राहुल राय ने बताया की उत्तर प्रदेश में बहुत ही प्रतिभाएं हैं जो कि मुंबई में अपना नाम कर रही हैं l इस दौरान पूर्व मिस उत्तर प्रदेश प्रभाती पांडे ने बताया कि इस प्रकार के प्रतियोगिताओं से युवा वर्ग को काफी प्रोत्साहन मिलता है l

वैष्णवी दुबे पूर्व में उत्तर प्रदेश में बताया कि उत्तर प्रदेश के युवा एवं युक्तियां इस टैलेंट एंड प्रतियोगिता के माध्यम से प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं l

कार्यक्रम के अध्यक्ष वामिक खान ने बताया कि यह हमारा प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम है जो कि अपनी एक अलग पहचान बन चुका है जिसमें की विभिन्न प्रकार के बॉलीवुड सितारें निरंतर आते रहते हैं l

Thursday, 7 November 2024

लखनऊ: शिवपाल यादव के आवास के सामने टॉवर पर चढ़ा युवक, परिवहन विभाग के खिलाफ जताया रोष




 

फ्रेंड्स समय न्यूज़, लखनऊ: आज लखनऊ में एक हैरान कर देने वाली घटना घटी जब शिवपाल यादव के आवास के सामने स्थित एक टॉवर पर राजीव सैनी नामक एक युवक चढ़ गया। मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। टॉवर पर चढ़े युवक की पत्नी और बेटा भी मौजूद थे।

राजीव सैनी ने यह कदम परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा लगातार किए जा रहे उत्पीड़न के विरोध में उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि परिवहन विभाग के अधिकारी आए दिन उनके पति के साथ मारपीट करते हैं और उन्हें जर्जर बसें चलाने के लिए मजबूर करते हैं।

राजीव सैनी की पत्नी ने मांग की है कि परिवहन विभाग के एमडी और परिवहन मंत्री को मौके पर बुलाया जाए। उन्होंने कहा कि उनके पति अलीगढ़ अतरौली में तैनात हैं और उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है।

मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और युवक को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। हमारे संवाददाता तौसीफ बेग ने मौके से बताया कि युवक काफी आक्रोशित है और वह तब तक नीचे नहीं उतरेगा जब तक कि उसकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

यह घटना एक बार फिर परिवहन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और उत्पीड़न को उजागर करती है। यह मामला अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। फ्रेंड्स समय न्यूज़ इस मामले पर लगातार नजर रखे हुए है और आपको हर अपडेट देता रहेगा।

मुख्य बिंदु:

 * शिवपाल यादव के आवास के सामने टॉवर पर चढ़ा युवक

 * युवक का नाम राजीव सैनी

 * परिवहन विभाग के अधिकारियों पर मारपीट का आरोप

 * जर्जर बसें चलाने का आरोप

 * युवक की पत्नी ने एमडी परिवहन और परिवहन मंत्री को बुलाने की मांग की

 * मौके पर भारी पुलिस बल तैनात

#फ्रेंड्ससमयन्यूज़ #लखनऊ #शिवपालयादव #परिवहनविभाग #राजीवसैनी

Tuesday, 29 October 2024

*बाराबंकी जिला अस्पताल के हृदय रोग विभाग में डॉक्टर नदारद, ईको मशीन पर ताला, मरीजों को लखनऊ भेजने के दौरान मौत का सिलसिला जारी*

जिला सरकारी अस्पताल बाराबंकी में दिल के मरीजों को हो रही है दिक्कत एको मशीन रूम में लगा है ताला,


बाराबंकी जिला अस्पताल के हृदय रोग विभाग में डॉक्टर नदारद, ईको मशीन पर ताला, मरीजों को लखनऊ भेजने के दौरान मौत का सिलसिला जारी*

बाराबंकी: जिला अस्पताल बाराबंकी में हृदय रोग विभाग की स्थिति दयनीय हो गई है। पिछले कई महीनों से अस्पताल में इस विभाग के लिए नियुक्त डॉक्टर गायब हैं, जिससे हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि अस्पताल में मौजूद ईको मशीन तक बंद पड़ी है और रूम पर ताला लगा हुआ है। गंभीर हृदय रोगियों को लखनऊ के मेडिकल कॉलेज के लारी अस्पताल रेफर कर दिया जाता है, लेकिन कई बार मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। अस्पताल प्रशासन की इस लापरवाही से मरीजों और उनके परिजनों में गहरी नाराजगी है, लेकिन उच्च अधिकारी, खासकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), इस पर मौन साधे हुए हैं।



*मरीजों को रेफर करना बन रहा है जानलेवा*

हाल ही में एक गंभीर हृदय रोगी को बाराबंकी जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। परिवार वालों ने बताया कि मरीज की हालत गंभीर थी और उसे तुरंत ईको टेस्ट की जरूरत थी। लेकिन जब वे ईको मशीन रूम पहुंचे, तो वहां ताला लगा हुआ मिला। अस्पताल के स्टाफ ने उन्हें बताया कि हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर भी नहीं हैं, और उन्हें मरीज को लखनऊ रेफर करना पड़ेगा। मरीज को लखनऊ भेजने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

*परिवार वालों का बयान*

मृतक मरीज के बेटे ने दुखी मन से कहा, "हमारे पिता को इलाज की सख्त जरूरत थी, लेकिन यहां कोई डॉक्टर नहीं था। हमें समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। ईको मशीन का रूम बंद पड़ा था और हमें लखनऊ जाने को कहा गया। परंतु रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। अगर यहां इलाज की सुविधा होती, तो शायद हमारे पिता आज हमारे साथ होते।"

एक अन्य मरीज की बेटी ने कहा, "हम अपने पिता के लिए हर संभव इलाज करवाना चाहते थे, लेकिन बाराबंकी जिला अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति और मशीनों के ताले ने हमें लाचार बना दिया। हमारे पास लखनऊ जाने का विकल्प नहीं था, पर मजबूर होकर उन्हें ले जाना पड़ा। ये अस्पताल क्या सिर्फ रेफर करने के लिए बना है?"

*स्थानीय लोगों की नाराजगी और सवाल*



जिला अस्पताल में डॉक्टरों और सुविधाओं की कमी को लेकर स्थानीय लोगों में भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। एक स्थानीय निवासी ने बताया, "हृदय रोगियों के लिए जिला अस्पताल में कोई इलाज नहीं है। हर मरीज को लखनऊ भेजा जाता है। यह अस्पताल शहर का प्रमुख चिकित्सा केंद्र है, लेकिन यहां जरूरी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। प्रशासन को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ये मरीजों की जान का सवाल है।"

*CMO की चुप्पी पर सवाल*

अस्पताल में डॉक्टरों और सुविधाओं की कमी के बावजूद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अधिकारियों की चुप्पी ने सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता का मानना है कि अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण ही यहां की स्थिति इतनी गंभीर हो गई है। लोग मांग कर रहे हैं कि अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए और बंद पड़ी मशीनों को जल्द से जल्द चालू किया जाए, ताकि हृदय रोगियों को रेफर करने की बजाय यहीं इलाज मिल सके।

*क्या सरकार लेगी संज्ञान?*

अस्पताल की इस स्थिति को लेकर जनता अब उम्मीद कर रही है कि प्रशासन और सरकार इस पर ध्यान देंगे। जिला अस्पताल जैसे बड़े अस्पताल में हृदय रोगियों के इलाज के लिए डॉक्टरों और जरूरी उपकरणों का उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस पर त्वरित कार्यवाही करे और सुनिश्चित करे कि मरीजों को रेफर करने की बजाय यहीं इलाज मिले, ताकि उनकी जान बचाई जा सके।


*संवाददाता: अरशद जमाल, बाराबंकी*

Wednesday, 16 October 2024

गोमती नगर बेरी कटिंग से टकराकर युवक की दर्दनाक मौत





लखनऊ: सुरक्षा के नाम पर लगाए गए बैरियर अब लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। ताजा मामला गोमती नगर इलाके का है, जहां सड़क पर लगे एक बैरियर से टकराकर बाइक सवार युवक वाहिद की दर्दनाक मौत हो गई। वाहिद, जो उजरियांव का निवासी था, 1090 चौराहे से अपने घर विजय खंड 2 गोमती नगर की ओर जा रहा था। इसी दौरान, रास्ते में बिना किसी उचित संकेत या सुरक्षा मानकों का पालन किए खड़ा बैरियर उसकी मौत का कारण बन गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया।


### सुरक्षा बैरियर: जानलेवा या जीवन रक्षक?

सड़क सुरक्षा के उद्देश्य से लगाए गए बैरियर का मुख्य उद्देश्य वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। लेकिन विडंबना यह है कि इन बैरियरों को सही ढंग से न लगाने की वजह से वे जानलेवा साबित हो रहे हैं। वाहिद की मौत इस ओर इशारा करती है कि बैरियर लगाने के मानकों का ठीक से पालन नहीं किया जा रहा। यह अकेला हादसा नहीं है, इससे पहले भी कई बार ऐसे बैरियर से वाहन चालकों की जान जा चुकी है या वे गंभीर रूप से घायल हुए हैं।


### प्रशासन की जिम्मेदारी और लापरवाही

इस हादसे ने प्रशासन की लापरवाही को एक बार फिर उजागर किया है। जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वह मुख्यमंत्री आवास से महज कुछ दूरी पर स्थित है, जो दर्शाता है कि प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था में कितनी अनदेखी की जा रही है। आमतौर पर बैरियर को इस तरह लगाया जाता है कि वाहन चालकों को अचानक से ब्रेक लगाने या उनसे बचने के लिए तेज़ी से मुड़ना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं। इस घटना के बाद से लोगों में रोष है और वे प्रशासन से इस मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


### लोगों की आवाज़

मृतक वाहिद के परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर लगे बैरियरों की स्थिति को सुधारने की आवश्यकता है। वाहिद की मौत के बाद लोगों ने पुलिस आयुक्त से अपील की है कि बैरियर लगाने के तरीकों की समीक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि बैरियर सही ढंग से और उचित स्थानों पर लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों की जान को कोई खतरा न हो।


एक राहगीर ने कहा, "हमारे शहर की सड़कों पर सुरक्षा के नाम पर लगे ये बैरियर जानलेवा बनते जा रहे हैं। सरकार और प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। अगर बैरियर आवश्यक नहीं हैं, तो उन्हें हटाया जाए, और यदि जरूरी हैं तो उन्हें उचित चेतावनी संकेतों के साथ सुरक्षित ढंग से लगाया जाए।"


### पुलिस और प्रशासन से अपील

इस घटना के बाद, नागरिकों ने पुलिस और प्रशासन से बैरियर लगाने की प्रक्रिया में सुधार की मांग की है। बैरियर को बिना किसी स्पष्ट चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर, या अन्य सुरक्षा उपायों के बगैर लगाना वाहन चालकों के लिए घातक साबित हो रहा है। खासकर रात के समय या कम रोशनी वाले क्षेत्रों में इन बैरियरों की वजह से हादसे होना आम हो गए हैं।


प्रशासन को चाहिए कि वे इन बैरियरों की सही स्थिति का आकलन करें और उन्हें केवल उन स्थानों पर लगाएं जहां यह अत्यधिक आवश्यक हो। साथ ही, बैरियरों को ऐसी जगह लगाया जाए जहां वाहन चालक उन्हें आसानी से देख सकें और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।


### नतीजा: तत्काल कार्रवाई की जरूरत

वाहिद की मौत केवल एक घटना नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा प्रबंधन में गंभीर खामियों का परिणाम है। प्रशासन और पुलिस को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और की जान इन बैरियरों की वजह से न जाए। 


सरकार और पुलिस प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सड़क सुरक्षा के उपाय केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि उन पर अमल भी सही ढंग से हो। केवल बैरियर लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह देखना भी ज़रूरी है कि वे वाहन चालकों के लिए किसी प्रकार का खतरा न बनें।


लोगों की ज़िंदगी बचाने के लिए उठाए गए कदमों का मकसद कभी उनकी जान लेना नहीं होना चाहिए।


Monday, 14 October 2024

बाराबंकी में त्योहारों के दृष्टिगत पैदल गश्त के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक


 बाराबंकी में त्योहारों के दृष्टिगत कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार और पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह ने थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में पैदल गश्त की। इस दौरान उन्होंने घनोखर, घंटाघर, सिटी पुलिस चौकी, प्रमुख चौराहों, बाजारों, और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा का जायजा लिया। अधिकारियों ने आम जनता और व्यापारियों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया और त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की समस्या या कानून व्यवस्था भंग होने की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करने की अपील की।


पैदल गश्त के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वासन दिया कि प्रशासन हर स्थिति में उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर है। त्योहारों के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की गई। 


इस मौके पर क्षेत्राधिकारी नगर सुमित त्रिपाठी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर अजय कुमार त्रिपाठी, सिटी चौकी इंचार्ज अजय पांडे और अन्य अधिकारीगण एवं पुलिसकर्मी भी उपस्थित थे। अधिकारियों ने सभी संबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं, जिससे त्योहारों का आयोजन शांति और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके। 


प्रशासन का यह कदम आगामी त्योहारों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

Tuesday, 8 October 2024

**देवा मेला-2024: सूफी रंग में रंगी सांस्कृतिक शाम, रूप कुमार राठौर और अल्ताफ राजा करेंगे संगीत से सराबोर**





**भव्य उद्घाटन 18 अक्टूबर को, सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था**


बाराबंकी। हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर हर साल आयोजित होने वाला देवा मेला इस बार और भी अधिक भव्यता और आकर्षण के साथ मनाया जाएगा। **18 अक्टूबर से 27 अक्टूबर** तक चलने वाले इस मेले में देशभर से लाखों की संख्या में जायरीन और पर्यटक शामिल होंगे। देवा मेला 2024 का उद्घाटन **जिलाधिकारी की धर्मपत्नी** द्वारा किया जाएगा, जबकि समापन समारोह में **पुलिस अधीक्षक की पत्नी** मुख्य अतिथि होंगी। इस वर्ष मेला अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है, जहां परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।


### **सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सितारों की रोशनी**

मेले की एक प्रमुख आकर्षण सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हैं, जिसमें इस बार संगीत प्रेमियों के लिए खास तोहफा है। मशहूर गायक **रूप कुमार राठौर** और लोकप्रिय गजल एवं कव्वाली गायक **अल्ताफ राजा** अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लेंगे। संगीत के ये दोनों सितारे मेले के सांस्कृतिक रंग को और भी जीवंत बनाएंगे। देवा मेला हमेशा से ही सांस्कृतिक और धार्मिक दोनों ही रूपों में महत्वपूर्ण रहा है, और इस साल इन दो महान कलाकारों की उपस्थिति इसे एक नया आयाम देगी।


### **सदियों पुरानी परंपराएं, खेलकूद और मुशायरा**

देवा मेला की सबसे खास बात उसकी **सदियों पुरानी परंपराएं** हैं, जो इसे एक विशिष्ट स्थान पर खड़ा करती हैं। मेला सचिव **अरुण कुमार सिंह** ने बताया कि इस बार मेले में होने वाला **मुशायरा अपने 100वें साल** में प्रवेश कर रहा है। मुशायरे की यह परंपरा हाजी वारिस अली शाह के विचारों और सूफी संस्कृति को प्रदर्शित करने का एक प्रमुख माध्यम है, जहां उर्दू शायरी के माध्यम से प्रेम, सौहार्द और मानवता का संदेश दिया जाता है।


इसके अलावा, देवा मेला की **हॉकी प्रतियोगिता अपने 97वें वर्ष** में है, जबकि **दंगल प्रतियोगिता 99 साल** से जारी है। इन प्रतियोगिताओं का ऐतिहासिक महत्व है, और इस बार इनके आयोजन को और भी भव्य रूप दिया जाएगा। विशेष रूप से दंगल और हॉकी प्रतियोगिताओं में देशभर के जाने-माने खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जो दर्शकों के बीच रोमांच पैदा करेगा।


### **त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी**

मेले में इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। **अपर पुलिस अधीक्षक चिरंजीवी नाथ सिंहा** ने बताया कि पूरे मेले को त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा। मेला क्षेत्र को **सेक्टर और जोन** में विभाजित किया गया है, जहां प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एक वरिष्ठ राजपत्रित अधिकारी की होगी। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से मेला क्षेत्र की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी, और निगरानी के लिए **ड्रोन कैमरों** का भी उपयोग किया जाएगा।


सुरक्षा के लिए दो **कंट्रोल रूम** बनाए गए हैं—एक मुख्यालय में और दूसरा मेला परिसर में। पुलिस बल के साथ-साथ **महिला पुलिसकर्मियों** की भी विशेष तैनाती होगी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को टाला जा सके। इसके अलावा, **यातायात** व्यवस्था को भी सुचारू बनाने के लिए अलग से प्रबंध किए गए हैं, जिसमें पार्किंग स्थल और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था शामिल है।


### **जायरीनों और पर्यटकों के लिए विशेष सुविधाएं**

जायरीनों और पर्यटकों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मेले के दौरान **पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और साफ-सफाई** के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेला स्थल पर **चिकित्सा कैंप** लगाए जाएंगे, जिसमें **एम्बुलेंस और मेडिकल टीम** हर समय तैनात रहेगी। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए देवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को विशेष रूप से तैयार किया गया है।


इसके अलावा, इस बार **पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए** समापन समारोह के समय की जाने वाली आतिशबाजी **इको-फ्रेंडली** होगी, जिससे पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। इस कदम के तहत आतिशबाजी से होने वाले ध्वनि और वायु प्रदूषण को कम करने का प्रयास किया गया है।


### **देवा मेला: सूफी परंपराओं और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक**

देवा मेला न केवल धार्मिक आस्था का पर्व है, बल्कि यह **राष्ट्रीय एकता** और **सांस्कृतिक समन्वय** का प्रतीक भी है। यहाँ सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की शिक्षाओं और उनके द्वारा दिए गए प्रेम और भाईचारे के संदेश को मानने वाले लाखों लोग एकत्र होते हैं। यह मेला वर्षों से **सांप्रदायिक सौहार्द** और **धर्मनिरपेक्षता** का प्रतीक बना हुआ है, जहाँ विभिन्न धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों के लोग एक साथ मिलकर इस महोत्सव को मनाते हैं।


**समापन**

देवा मेला-2024 एक बार फिर से **धार्मिक आस्था**, **सांस्कृतिक धरोहर**, और **सामाजिक एकता** की मिसाल पेश करने जा रहा है। यहाँ खेलकूद, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, और सूफी संतों की महिमा के बीच एक अद्वितीय अनुभव की प्राप्ति होगी। मेले में इस बार की जाने वाली सुरक्षा और व्यवस्था के कदमों से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर जायरीन और पर्यटक बिना किसी समस्या के इस अद्वितीय महोत्सव का हिस्सा बन सके।

Sunday, 7 January 2024

लापरवाही: शहर की गलियों में लगे कूड़े के ढेर, दुश्वारी झेल रहे हैं रास्ते से गुजर रहे राहगीर



 नगर पालिका परिषद बाराबंकी, शहर में साफ-सफाई और नियमित कूड़ा उठान के दावे कर रहा है, मगर कई जगहों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। शहर में अनेकों स्थानों पर गंदगी का अंबार लगा होने से संक्रमण बीमारियां के फैलने का खतरा बना हुआ है। ये नज़ारा है शहर के बेग़म गंज की नाहिद मंज़िल के सामने का है, ये गली कूल केअर कंपनी के पीछे है, यहां रहने वाले एक नागरिक मोहम्मद सलीम शहज़ादा ने बताया कि कई बार सभासद से कहने के बावजूद भी गली का कूड़ा उठाने कोई नगर पालिका परिषद का  कर्मचारी रोज़ नहीं आता है। और कूड़े के लिए डस्ट बिन रखने के लिये कई बार कहा मगर कोई फायदा नहीं हुआ। सड़कों से कूड़ा न उठाए जाने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगो के द्वारा शिकायत के बावजूद नगर पालिका के जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।