मोहम्मद अहसान की रिपोर्ट
मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन नोकी सिंबानी एमयूजीबी के कैंपेन Not in Vain के अंतर्गत आज शीरोज हैंगआउट की एसिड अटैक सर्वाइवर्स से मिलने लखनऊ पहुंचीं। उनका ढोल नगाड़े से स्वागत किया गया और एसिड अटैक सर्वाइवर्स की पर्फामेंस ने सबका मन मोह लिया। हर साल मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन की विजेता अनिवार्य तौर पर सोशल वर्क के लिए इंडिया आती हैं और शीरोज हैंगआउट की एसिट अटैक फाइटर्स के साथ समय गुजारती हैं। इसके लिए लंदन की गैर सरकारी संस्था 'A Sister hood' उनकी मदद करती है। उनकी छह दिवसीय यात्रा के दौरान साल 2021 की विनर एमा कॉलिंगरिज, एमयूजीबी की डायरेक्टर पाउला अबंदोनातो, रनर अप कंटेस्टेंट त्रिशाला लखानी समेत कुल छह सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान वे शहर के तमाम सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों से भी रूबरू हुईं।
आगरा के ताजनगरी में स्थित शीरोज हैंगआउट कैफे दुनिया भर में महिलाओं के शशक्तीकरण की एक मिसाल है। एसिड अटैक सर्वाइवर्स द्वारा चलाया जा रहा है अपने आप में एक अनोखा व्यवसाय है जिसने सैकड़ों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। इस कैफे की शुरूआत सन 2014 में आगरा शहर से हुई थी, लखनऊ में 2016 में कैफे की शुरूआत हुई जिसमें अभी बीस एसिड अटैक सर्वाइवर्स काम करते हैं। और धीरे धीरे इस कैफे ने देश दुनिया मैं अपनी एक अलग पहचान बना ली। इस समय देश में चार ऐसे कैफे आउललेट हैं जिनको एसिड अटैक की शिकार महिलाएं चलाती हैं। और इनके काम को पसंद करने वाले सारी दुनिया में फैले हुए हैं। इससे पहले भी हैरी पॉटर अभिनेता ल्यूसिअस मेल्फ्वाय (Lucius Malfoy), इटली के पूर्व प्रधानमंत्री पाओलो जेंटिलोनी, देश के कई मुख्यमंत्री और नेतागण, बालीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, दिया मिर्जा रनवीर सिंह, जान अब्राहम, कल्कि कोचीन, स्वरा भाष्कर, गायक सोना महापात्रा जैसे तमाम महत्वपूर्ण लोग कैफे का दौरा कर चुके हैं।
मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता से पहले पूरा करती हैं यह उत्तरदायित्व
हर साल ग्रेट ब्रिटेन की यह प्रतियोगिता महिलाओं पर हो रहे एसिड अटैक को लेकर न केवल जागरूकता बढ़ाती है बल्कि जीतने वाली मिस यूनिवर्स को भारत में चल रहे शीरोज कैफे में कार्यरत तेजाब हमलों की पीड़ित महिलाओं से रूबरू भी करना होता है। इसी अभियान के तहत साल 2016 के सितंबर महीने में ग्रेट ब्रिटेन की मिस यूनिवर्स जैमी-ली फाल्कुनर ने पहली बार आगरा के शीरोज कैफे का दौरा किया था। इस तरह हर साल इस कार्यक्रम के द्वारा एमयूजीबी इंडिया विजिट कर सर्वाइवर्स से मिलती आ रही हैं और एसिड अटैक के मुद्दे को अंतराष्ट्रीय मंचों पर लाने में सहयोग कर रही हैं । नोकी सिंबानी 14 जनवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यू आलस में आयोजित होने ही मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भी एसिड अटैक की समस्या को उठाएंगी। उनके साथ पिछले साल की मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिट्रेन एमा कॉलिंगरिज भी मौजूद रहीं जो कि पिछले साल की मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में टाप 16 में थीं।
2016: जैमी-ली फाकनर 2017: एना मारिया बर्डजी
2018 : डी एन केंटिस रॉजर्स 2019: एमा जेनकिंस
2020 : जेनेट आकूआ 2021: एमा कॉलिंगरिज
2022: नोकी सिंबानी
लखनऊ का अंदाज ही कुछ खास हैं
मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन संस्था की डायरेक्टर पाउला कहती हैं कि उन्हें हमेशा से ही लखनऊ के लोगों आतिथ्य भाव दिल को छू लेता है और सभी शहरों से खास अंदाज लखनऊ का दिखाई पड़ता है। हर साल वो इस प्रोजेक्ट के लिये भारत के कई शहरों की यात्रा करती हैं लेकिन सबसे अच्छा स्वागत और सबसे अच्छी पर्फामेंस लखनऊ में ही देखने को मिलती है। कैफे पर उनके लिये डांडिया नृत्य और तमाम रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किये गए और देर रात चले कार्यक्रम में मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन और उनकी सभी साथियों ने भी सर्वाइवर्स के साथ नृत्य किया और स्वादिष्ट खाने का लुफ्त उठाया।
भारतीय अंदाज में हुआ स्वागत
सिंबानी का कै शीरोज हैंगआउट पर स्वागत एसिट अटैक सर्वाइवर्स द्वारा भारतीय शैली में ढोल बाजे के साथ किया गया। सिंबानी ने यहां काम कर रही महिलाओं से मुलाकात कर उनकी जिंदगियों की झलक ली, साथ ही इस अनूठे कैफे के संचालन के बारे में भी सर्वाइस से उनके अनुभव जाने । एसिड अटैक सर्वाइर्स गरिमा, फरहा, रुपाली, जया, आसमा ने अपने जीवन के संघर्षों को साझा किया। शाम पांच बजे मिस यूनिवर्स टीम की डाक्यूमेंट्री नाट इन वेन (Not In Vain) की स्क्रीनिंग हुई जिसमें शीरोज को भी दिखाया गया है। साथ ही उन्होने शहर के ऐसे तमाम सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठनों को भी सम्मानित किया जिन्होने एसिट अटैक सर्वाइवर्स के अभियान में मदद की है। शाम संगीत और गायन में बीता, सर्वाइर्ड्स ने उन्हें जमकर नचाया और गाने गाए गए। इस विशेष अवसर पर शहर के तमाम प्रतिष्ठित लोगों को हाई टी पर आमंत्रित किया गया था।
एसिड अटैक सर्वाइवर्स रूपाली ने अपनी पर्फामेंस से जीता सभी आगंतुकों का मन
गाजीपुर की रहने वाली रूपाली ने जोरदार नृत्य से सबका मन जीत लिया। उन पर जुलाई 2015 में एसिड अटैक हुआ था इसके बाद वो शीरोज कैफे से जुड़ गईं। रूपाली अपने अटैक से पहले भोजपुरी • फिल्मों में काम करती थीं लेकिन तेजाब के हमले के बाद उनका जीवन ही बदल गया। वो अस्सी प्रतिशत जल चुकी थीं और उनकी दोनों आखें अटैक में क्षतिगृत्स हो गई थीं। लेकिन उन्होने हार नहीं मानी और आज वो सभी के सामने एक मिशाल बनकर खड़ी हैं और शीरोज पर नौकरी कर रहीं हैं।
शीरोज कैफे के जरिये रोजगार के और नए अवसर पैदा करने चाहिये
नोकी सिंबानी ने अपनी भारत यात्रा के दौरान इसी 28 सितंबर को नोएडा में एक नए शीरोज कैफे का उद्घाटन किया है। शीरोज कैफे अपने तीन कैफे प्रोजेक्ट के तहत लगभग तीस एसिड सर्वाइवर्स को सीधे तौर पर रोजगार दे रहा है। इसी क्रम में नोएडा स्टेडियम में खुला नया कैफे पर कम से कम चार से पांच एसिड सर्वाइर्ड्स के लिये रोजगार के अवसर देगा। फिलहाल नोएडा स्टेडियम स्थित कैफे पर छह एसिड अटैक सर्वाइवर महिलाएं, आगरा में दस और लखनऊ में 20 एसिड अटैक सर्वाइवर्स कार्यरत हैं।
क्या है शीरोज हैंगआउट
शीरोज हैंगआउट एसिड अटैक सर्वाइर्ड्स द्वारा चलाया जा रहा अपने आप में एक इकलौता ऐसा कैफे है जहां न केवल चेहरे से विकृत की जा चुकी महिलाओं को रोजगार दिया जाता है बल्कि उन्हे जीवन जीने के लिये हौसला और समूह भी मिलता है। इन महिलाओं के समूह ने पिछले तीन सालों में देशभर में तीन कैफे (आगरा, लखनऊ, नोएडा) शुरू किये हैं जिससे कम से कम 35 महिलाओं को रोजगार और 200 से अधिक महिलाओं को सहायता मिली है। शीरोज दुनियाभर में अपने काम के लिये जाना जा रहा है। इससे पहले भी Harry Potter के हीरो ल्यूसिअस मेल्फ्वाय Lucius Malfoy, इटली के पूर्व प्रधानमंत्री पाओलो जेंटिलोनी, फेसबुक की कोर टीम, बालीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, दिया मिर्जा, कल्कि कोचीन, स्वरा भाष्कर, गायक सोना महापात्रा जैसे तमाम महत्वपूर्ण लोग कैफे का दौरा कर चुके हैं। साल 2020 में मेघना गुलजार ने शीरोज की महिलाओं से प्रभावित होकर छपाक निर्देशन कर इस मुद्दे को देश की मुख्यधारा में चर्चा का केंद्र बनाया था।
इससे पहले हर साल मिस यूनिवर्स छांव फाउंडेशन के सभी सेंटर्स का दौरा पचास से भी ज्यादा एसिड अटैक फाइटर्स से मिल चुकी हैं। इस बार भी वे आगरा, लखनऊ और नोएडा में एसिड अटैक सर्वाइस के इलाज और काउंसलिंग के लिये बनाए जा रहे पुनर्वास केंद्र को भी देखेंगी और प्रोजेक्ट के लिये सहायता जुटाएंगी। मिस यूनिवर्स की स्टेज पर भी ने एसिड अटैक के मुद्दे को जोरदारी से उठाया जाएगा और इसके विरूद्ध ग्लोबल एडवोकेसी का प्लान तैयार होगा। मिस यूनिवर्स के मुताबिक लोग इस मुद्दे के बारें में बहुत भावुक हैं और उन्हे साथ जोड़कर हम समाज में इस तरह के अपराधों पर लगाम लगा सकते हैं। यही कारण है कि उन्होने भारत पहुच कर अधिक से अधिक महिलाओं से मिलने का मिशन लिया है।
कथन
"सुंदरता की जो असल परिभाषा है उसे जनमानस तक पहुचाना जरूरी है। हम अपने कर्मों से सुंद हैं और मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता इस मैसेज को सॉरी दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश करती है। हम इंडिया की विजिट के दौरान एसिड अटैक सर्वाइस से मिलते हैं ताकि इस संदेश के जरिये महिलाओं के आब्जेक्टीफिकेश को कम किया जा सके और समाज में यह स्थापित किया जा सके कि हमारी पहचान हमारे चेहरों से नहीं बल्कि हमारे कर्मों से होती है। "- नोकी सिंबानी, मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन
इस तरह की मुलाकातें शीरोज की महिलाओं को हिम्मत और सम्मान देती हैं साथ ही दुनियाभर में इस समस्या के लिये जागरूकता लाती हैं। हम एमयूजीबी की डायरेक्टर पाउला को इस अनोखी पहल के लिये धन्यवाद देते हैं और उम्मीद करते हैं कि नोकी सिंबानी इस मुद्दे को मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता के जरिये सारी दुनिया के सामने रखने में शीरोज की फाइटर्स की मदद करेंगी - आलोक दीक्षित, डायरेक्टर, छांव फाउंडेशन, शीरोज हैंगआउट |